सुबह की ताजी हवा और खिड़की से छनकर आती धूप आज बंगले के शांत कमरों में एक नई ऊर्जा भर रही थी। नाश्ते की मेज पर जो सहजता थी, वह कॉलेज के गेट के करीब पहुँचते ही एक अनकहे तनाव में बदलने लगी। आर्यन की काली लग्जरी एसयूवी (SUV) सड़क पर सरकती हुई कॉलेज के मुख्य द्वार पर पहुँची।
कॉलेज का पार्किंग एरिया छात्रों से भरा हुआ था। जैसे ही आर्यन की चमचमाती कार अंदर दाखिल हुई, सबकी नज़रें उस पर ठहर गईं। आर्यन का रसूख और उसका व्यक्तित्व कॉलेज में पहले ही चर्चा का विषय था, लेकिन आज कुछ अलग था। आज उसकी बगल वाली सीट पर आराध्या बैठी थी, जो किसी अप्सरा जैसी शालीन और खूबसूरत लग रही थी।







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