यूनिवर्सिटी की सुबह आज वैसी नहीं थी जैसी रोज होती है। कैंपस की हवाओं में एक अनजाना सा खौफ और फुसफुसाहटों का शोर था। पार्किंग से लेकर कैंटीन तक, हर जगह बस एक ही खबर आग की तरह फैली थी—कल रात हाईवे पर हुए उस भयानक हादसे में शहर के चार रईसज़ादों की जलकर मौत हो गई थी। पुलिस इसे एक एक्सीडेंट बता रही थी, लेकिन जो जानते थे कि उन लड़कों की दुश्मनी किससे हो सकती थी, उनके चेहरों पर हवाइयां उड़ रही थीं।
इकोनॉमिक्स की क्लास में सन्नाटा था, लेकिन वह सन्नाटा पढ़ाई वाला नहीं, बल्कि दहशत वाला था। छात्र आपस में दबी जुबान में बात कर रहे थे।







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