शहर के मशहूर सेंट टेरेसा गर्ल्स हॉस्टल की इमारत वैसे तो बाहर से बेहद शांत और अनुशासित दिखती थी, लेकिन इसकी चारदीवारी के भीतर रहने वाली लड़कियों की अपनी एक अलग ही दुनिया थी। आज हॉस्टल में नए एडमिशन का पहला दिन था। हर तरफ़ लड़कियाँ अपने माता-पिता के साथ सामान समेटती और अपने कमरों की तलाश करती नज़र आ रही थीं।
इसी भीड़ के बीच एक बेहद शांत, मासूम और खूबसूरत लड़की (Beautiful girl) अपना भारी सूटकेस घसीटती हुई कमरा नंबर 304 के सामने आकर रुकी। उसका दिल तेज़ी से धड़क रहा था। वह पहली बार अपने छोटे से शहर और अपने माता-पिता से दूर इतनी बड़ी जगह पर आई थी। उसने बहुत ही साधारण सा सलवार-सूट पहना था, बाल एक सादी सी चोटी में बंधे थे, लेकिन उसकी सादगी में भी एक ऐसा आकर्षण था कि रास्ते में जो भी उसे देख रहा था, उसकी नज़रें ठहर जाती थीं।














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