रेस्टोरेंट से घर तक का वह बीस मिनट का सफर किसी लंबी सजा जैसा लग रहा था। कार के भीतर का सन्नाटा इतना भारी था कि आराध्या की तेज़ चलती सांसें भी इंजन के शोर पर भारी पड़ रही थीं। आर्यन ने कार को पोर्टिको में इतनी तेज़ी से रोका कि टायरों की चीख गूँज उठी। उसने इंजन बंद किया और सीधे आराध्या की ओर देखा, जिसकी आँखों में एक ऐसी भूख थी जिसे केवल वही शांत कर सकता था।
जैसे ही वे घर के मुख्य दरवाज़े के अंदर दाखिल हुए, आर्यन ने उसे पीछे मुड़ने का मौका भी नहीं दिया। उसने लात मारकर दरवाज़ा बंद किया और उसे वहीं दीवार से सटा दिया।













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