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Chapter 46 "तैयार हो जाओ, हम बाहर जा रहे हैं,"

कल रात स्टडी रूम में हुई उस तीखी बहस और आर्यन की फटकार ने आराध्या के मन पर एक गहरी खरोंच छोड़ दी थी। सुबह जब सूरज की पहली किरण कमरे में आई, तो आराध्या का मन भारी था। उसने खुद को आर्यन से पूरी तरह काट लिया था। नाश्ते की मेज पर सन्नाटा था, केवल चम्मचों के टकराने की आवाज़ आ रही थी। आर्यन ने कई बार उससे बात करने की कोशिश की, लेकिन आराध्या ने अपनी नज़रें अपने फोन या प्लेट से नहीं हटाईं।

आर्यन जानता था कि उसने मर्यादा और अनुशासन के नाम पर अपनी 'प्रिंसेस' का दिल दुखाया है। उसे इस बात का अहसास था कि उनकी इस वर्जित दुनिया में आराध्या का एकमात्र सहारा वही है, और अगर वह भी उसे झिड़क देगा, तो वह टूट जाएगी।

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