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Chapter 25 Adyaksh Shivansh aur noor romance

हवेली की शाम आज फिर से कुछ अनकही शिकायतों से भरी थी। लिविंग रूम में जब सब इकट्ठा हुए, तो शिवांश और अध्यक्ष के चेहरे पर साफ तौर पर चिड़चिड़ापन दिख रहा था। पिछले दो दिनों से जहाँ अखंड, रणविजय और करण ने नूर के साथ अपना वक्त बिताया था, वहीं ये दोनों या तो मिशन में व्यस्त थे या काम के बोझ तले।

"अरे भाई, ये तो नाइंसाफी है!" शिवांश ने हाथ हवा में लहराते हुए कहा। "करण भाई ने तो कल उसे किडनैप ही कर लिया था। और रणविजय भाई का तो पूछो ही मत, उन्होंने तो जैसे नूर पर अपना टैग ही लगा दिया है।"

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