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Chapter 28 Noor ka office ana

सुबह की धूप जितनी सुनहरी थी, शेखावत ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज के बोर्डरूम का माहौल उतना ही ठंडा और तनावपूर्ण था। पाँचों भाई आज एक साथ ऑफिस पहुँचे थे। अखंड के मुख्य केबिन में एक बड़ी स्क्रीन पर शहर के सबसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट 'द ग्रैंड सिटी' का नक्शा और टेंडर डिटेल्स चल रहे थे।

रणविजय ने मेज पर हाथ पटकते हुए कहा, "भाई, खबर पक्की है। रुद्र प्रताप (विलेन) उसी प्रोजेक्ट पर नजर गड़ाए बैठा है जिसे हम पिछले छह महीनों से चेज़ कर रहे हैं। वह अंडरकट्स और ब्लैक मनी का इस्तेमाल करके टेंडर छीनने की कोशिश कर रहा है। मेरी राय में, हमें अभी इसी वक्त उसे सबक सिखाना चाहिए। हमें उसकी सप्लाई चेन को फिर से निशाना बनाना होगा।"

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