रात की खामोशी अब पूरी तरह से इस बंद कमरे के भीतर कैद हो चुकी थी। बाहर तैनात अर्जुन के वफादार 'टाइगर' और उसके लड़के जानते थे कि एक बार जब 'सकार' अपने कमरे का दरवाजा बंद कर लेता है, तो सुबह से पहले वहां यमराज भी दस्तक देने की हिम्मत नहीं करता। कमरे के भीतर हवा का एक-एक कतरा अब वासना और पसीने की गंध से भारी हो चुका था।
अर्जुन बेड पर अधलेटा था, उसका चौड़ा सीना पसीने की बूंदों से चमक रहा था। मीरा उसके ऊपर बैठी थी, उसकी उंगलियाँ अर्जुन के उस 'फौलादी अंग' पर रेंग रही थीं जिसने अभी-अभी उसकी ट्राउजर की कैद से रिहाई पाई थी। अर्जुन की आँखों में इस वक्त वह जुनून था जिसे देखकर अच्छे-अच्छों का कलेजा हलक में आ जाए। वह मीरा की उस 'बोल्ड' हरकत को देख रहा था जिसे वह आज खुद शुरू कर रही थी।














Write a comment ...