अर्जुन ने मीरा की हालत देखी; वह पूरी तरह नग्न थी और उसके कपड़े जीप के फर्श पर इधर-उधर बिखरे हुए थे। अर्जुन ने अपनी सफेद कमीज उठाई, जिसमें अभी भी उसके इत्र और पसीने की मिली-जुली मर्दाना गंध बसी थी। उसने बड़े प्यार और हक से मीरा को वह शर्ट पहना दी। मीरा का छोटा सा बदन अर्जुन की उस बड़ी शर्ट में लगभग छुप गया था, पर उसकी जांघें अभी भी बेपर्दा थीं।
"इसे पहन लो मीरा, शहर पहुँचने तक यही तुम्हारी ढाल है," अर्जुन ने अपनी पैंट पहनते हुए कहा। उसने अपनी शर्ट के बटन नहीं लगाए क्योंकि वह शर्ट अब मीरा के तन पर थी। अर्जुन अब 'शर्टलेस' (Shirtless) था, उसके चौड़े और पसीने से चमकते हुए सीने पर मीरा के नाखूनों के ताज़ा निशान किसी युद्ध के तमगे की तरह चमक रहे थे।














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