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Chapter 45 क्या तुम मुझसे शादी करोगी?"

हवेली की फिजाओं में अब पहले जैसी कड़वाहट नहीं थी। कुछ महीनों का वक्त बीत चुका था। ज़ख्म भरने लगे थे, मगर रूह पर जो निशान रह गए थे, उन्हें मिटने में शायद सदियां लगतीं। मीरा ने एक मां की तरह पिंकी की देखभाल की थी। पिंकी, जो कभी हवस के उन चार दरिंदों के बीच अपनी जान और इज्जत की भीख मांग रही थी, अब वह धीरे-धीरे फिर से इंसानों के बीच मुस्कुराना सीख रही थी।

लेकिन इस बदलाव में मीरा के साथ-साथ एक और साया था, जो साये की तरह पिंकी के साथ खड़ा रहा—वह था टाइगर।

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