यूनिवर्सिटी की सुबह आज वैसी नहीं थी जैसी रोज होती है। कैंपस की हवाओं में एक अनजाना सा खौफ और फुसफुसाहटों का शोर था। पार्किंग से लेकर कैंटीन तक, हर जगह बस एक ही खबर आग की तरह फैली थी—कल रात हाईवे पर हुए उस भयानक हादसे में शहर के चार रईसज़ादों की जलकर मौत हो गई थी। पुलिस इसे एक एक्सीडेंट बता रही थी, लेकिन जो जानते थे कि उन लड़कों की दुश्मनी किससे हो सकती थी, उनके चेहरों पर हवाइयां उड़ रही थीं।
इकोनॉमिक्स की क्लास में सन्नाटा था, लेकिन वह सन्नाटा पढ़ाई वाला नहीं, बल्कि दहशत वाला था। छात्र आपस में दबी जुबान में बात कर रहे थे।
"भाई, तूने फोटो देखी? गाड़ी का लोहा तक पिघल गया था। पता नहीं वो लोग कैसे मरे होंगे," एक लड़का अपने दोस्त से फुसफुसाया।
"कहते हैं कि मरने से पहले उनकी चीखें मील दूर तक सुनाई दी थीं। पर पुलिस कह रही है कि गाड़ी का टैंक फट गया था," दूसरे ने जवाब दिया।
पूरी क्लास में इन मौतों की चर्चा हो रही थी, लेकिन पिछली बेंच पर बैठा शौर्य प्रताप सिंह बिल्कुल शांत था। उसके चेहरे पर कोई शिकन नहीं थी। वह अपनी नोटबुक के पन्ने पलट रहा था, जैसे उसे इस खबर से कोई सरोकार ही न हो। उसकी आँखों में वही पुरानी ठंडी चमक थी। उसे पता था कि वह राख अब ठंडी हो चुकी है, और अब उसकी दुनिया में उन लोगों के लिए कोई जगह नहीं थी जिन्होंने अद्रिका पर अपनी गंदी नजर डाली थी।
तभी अद्रिका क्लास में दाखिल हुई। उसके चेहरे का रंग उड़ा हुआ था, और उसके होंठ कल रात के उस वहशी चुंबन की वजह से अभी भी थोड़े सूजे हुए लग रहे थे। उसने जैसे ही क्लास में कदम रखा, छात्रों की फुसफुसाहटें थम गईं।
अद्रिका ने बिना किसी की ओर देखे अपना लेक्चर शुरू किया। उसकी आवाज़ कांप रही थी, लेकिन उसने खुद को संभाला। क्लास में बैठे शौर्य की ओर उसने एक बार भी नहीं देखा, पर उसे अपनी पीठ पर शौर्य की भारी नजरों का अहसास हो रहा था। लेक्चर खत्म होते ही वह लगभग भागती हुई अपने केबिन की ओर चली गई।
अद्रिका अपने केबिन में जाकर कुर्सी पर बैठ ही रही थी कि दरवाजे पर दस्तक हुई और बिना अनुमति के शौर्य अंदर दाखिल हो गया। उसने अंदर आकर दरवाजा बंद किया और कुंडी लगा दी। अद्रिका के चेहरे पर तुरंत खौफ छा गया। वह खड़ी हो गई और मेज के पीछे छिपने की कोशिश करने लगी।
"तुम... तुम यहाँ फिर क्यों आए हो? क्या उस लड़के की मौत में तुम्हारा हाथ है? अद्रिका ने दबी आवाज़ में पूछा, उसकी आँखें आंसुओं से भर आईं।
शौर्य ने एक मंद मुस्कान दी और उसकी मेज के पास जाकर खड़ा हो गया। "कौन से लड़के? शहर में हर रोज एक्सीडेंट होते हैं अद्रिका। पर छोड़ो उन बेकार की बातों को। आज हम कुछ जरूरी बात करने आए हैं। कल हमारी शादी है, और आज शाम तुम्हें मेरे साथ शॉपिंग पर चलना है।"
अद्रिका ने पीछे हटते हुए कहा, "मुझे कहीं नहीं जाना। मैं... मैं खुद अपनी चीजें खरीद लूँगी। मुझे तुम्हारी मदद की जरूरत नहीं है।"
"ऐसे कैसे प्रोफेसर साहिबा?" शौर्य ने उसकी मेज पर बैठकर अपनी टांगें फैला लीं। "शौर्य प्रताप सिंह की होने वाली बीवी अपनी शादी की शॉपिंग खुद करेगी? ये मेरी तौहीन होगी। मैं खुद तुम्हें शॉपिंग करवाऊंगा। मगर एक समस्या है... मुझे तुम्हारी फिटिंग और तुम्हारा सही साइज ही नहीं पता। और मैं नहीं चाहता कि मेरी दुल्हन के लिबास में कोई कमी रह जाए।"
शौर्य की आँखें अब अद्रिका के शरीर को किसी शिकारी की तरह नाप रही थीं। "चलो कोई बात नहीं, साइज का क्या है... अभी देख लेते हैं।"
"अपनी कुर्ती उतारो अद्रिका," शौर्य ने सपाट लहजे में आदेश दिया।
अद्रिका का दिल डूब गया। "नहीं शौर्य... प्लीज! ये तुम क्या कह रहे हो? मैं नहीं उतारूंगी। तुम पागल हो गए हो क्या?"
शौर्य के चेहरे की मुस्कान गायब हो गई और उसकी आवाज़ में वही डरावनी ठंडक आ गई। "अद्रिका, मैंने तुम्हें कल रात भी समझाया था। मेरी बात न मानने का अंजाम तुम्हारे परिवार को भुगतना पड़ेगा। क्या तुम चाहती हो कि तुम्हारे भाई की नौकरी आज ही चली जाए? या तुम्हारे पिता का ब्लड प्रेशर फिर से बढ़ जाए? उतारो इसे, इससे पहले कि मैं खुद इसे फाड़ दूँ।"
अद्रिका के पास अब कोई रास्ता नहीं बचा था। वह सिसकियाँ लेने लगी, लेकिन उसके कांपते हाथों ने अपनी कुर्ती के निचले हिस्से को पकड़ा और धीरे-धीरे उसे अपने सिर के ऊपर से उतार दिया। वह अब सिर्फ अपनी सफेद ब्रा और सलवार में उसके सामने खड़ी थी। उसके गोरे बदन पर कल रात के निशानों की लालिमा साफ़ दिख रही थी।
शौर्य अपनी जगह से उठा और उसके पास आया। "बहुत खूबसूरत..." उसने फुसफुसाया।
शौर्य ने अपने दोनों हाथों से अद्रिका के वक्षों (Breasts) को सख़्ती से भींच लिया। अद्रिका के मुँह से एक तीखी आह निकली। "शौर्य... मत करो... प्लीज!"
"चुप रहो अद्रिका," शौर्य ने उसके स्तनों को मसलते हुए कहा। "मुझे साइज चेक करना है। ये तुम्हारे हैं ही नहीं, ये अब मेरे हैं। देखो ये कितने सही तरीके से मेरे हाथों में फिट आ रहे हैं।" शौर्य की सडक्टिव बातें अद्रिका के कान के पास गूँज रही थीं। उसने अपना हाथ नीचे सरकाया और अद्रिका की पतली कमर को अपनी उंगलियों से सहलाने लगा। "इतनी नाजुक कमर... शॉपिंग में सबसे महंगा बेल्ट और साड़ी इसी कमर के लिए ली जाएगी।"
अद्रिका का पूरा शरीर अपमान और उत्तेजना के एक अजीब संगम से कांप रहा था।
"अब नीचे का साइज भी तो लेना है," शौर्य ने घुटनों के बल बैठकर अद्रिका की सलवार के नाड़े की ओर इशारा किया। "मुझे तुम्हारी पैंटी का साइज भी पता होना चाहिए। मैं नहीं चाहता कि तुम्हारी सुहागरात पर कोई भी चीज ढीली या असहज हो।"
अद्रिका की रूह कांप उठी। "नहीं शौर्य... प्लीज! इस हद तक मत गिरो। मैं भीख मांगती हूँ... ये मत करो!"
"उतारो इसे अद्रिका। आखिरी बार कह रहा हूँ," शौर्य ने उसकी आँखों में आँखें डालकर धमकी दी।
अद्रिका ने रोते हुए अपनी सलवार का नाड़ा ढीला किया और उसे नीचे सरका दिया। वह अब सिर्फ अपनी नीली रंग की सूजी हुई पैंटी (Panty) में खड़ी थी। शौर्य ने अपनी उंगलियों से उसकी रेशमी जांघों (Thighs) को सहलाना शुरू किया। अद्रिका के पैर कांप रहे थे।
शौर्य ने अपना हाथ ऊपर सरकाया और उसकी पैंटी के ऊपर से ही उसकी उस कोमल गहराई (Pussy) को सहलाने लगा। "साइज तो बिल्कुल परफेक्ट लग रहा है... पर ये जगह बहुत गरम है। लगता है यहाँ की फिटिंग मुझे खुद बार-बार चेक करनी पड़ेगी।"
वह काफी देर तक अद्रिका की जांघों और उसके अंगों को अपनी उंगलियों से नापता रहा, जैसे वह उसे अपनी पूरी मिल्कियत बना रहा हो। अद्रिका दीवार से सटकर खड़ी बस अपनी किस्मत पर रो रही थी।
"ठीक है," शौर्य ने खड़े होते हुए कहा। उसने अद्रिका की कुर्ती उठाकर उसके चेहरे पर फेंक दी। "शाम को तैयार रहना। और याद रखना, कल से तुम पूरी तरह मेरी होगी। ये जिस्म, ये रूह और तुम्हारी ये हर सिसकी... सिर्फ शौर्य प्रताप सिंह की अमानत होगी।"
शौर्य केबिन से बाहर निकल गया। अद्रिका फर्श पर ढह गई। उसे एहसास हो गया था कि वह एक ऐसे जाल में फंस चुकी है जहाँ से निकलने का हर रास्ता बंद हो चुका है।
अगले अध्याय में: शादी की रात का मंजर। क्या शौर्य अद्रिका के साथ अपनी 'हार्डकोर' सुहागरात में कोई रहम दिखाएगा? और अद्रिका के जीवन में आने वाला वह तूफान, जो सब कुछ बदल कर रख देगा।
क्या आप चाहते हैं कि मैं उस 'डार्क' सुहागरात का दृश्य लिखूँ जहाँ शौर्य अपना असली रंग दिखाता है?
Bolo kya magte readers. Kesa rahe aage. Magar usse pehle follow jarur kar dena.🤗


















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