डाइनिंग टेबल पर सत्ता का वह ज़हरीला प्रदर्शन खत्म हुआ, जहाँ अयान ने ज़ोया को अपने बराबर बिठाकर पूरे खानदान की आँखों में अपनी ताकत का लोहा गाड़ दिया था। मेज पर मौजूद हर शख्स, चाहे वह ज़ोया का बाप बशीर हो या उसका मंगेतर मंज़ूर, अयान के खौफ और ज़ोया के प्रति उसके 'गंदे' शब्दों से सन्न थे। अयान ज़ोया का हाथ पकड़कर उसे ऊपर के फ्लोर पर ले आया। जैसे ही बेडरूम का भारी दरवाज़ा बंद हुआ, कमरे के भीतर का सन्नाटा फिर से उसी पुरानी वहशत और हवस से भरने लगा।
अयान ने दरवाज़े को अंदर से लॉक किया और ज़ोया की ओर मुड़ा। ज़ोया अभी भी डिनर टेबल पर हुए उस अपमान और अयान की खुली बातों से कांप रही थी। अयान धीरे-धीरे उसकी तरफ बढ़ा, उसका चेहरा अभी भी भावनाहीन था, पर उसकी आँखों में वही काली आग धधक रही थी जो रात भर ज़ोया के बदन को झुलसाती रही थी।



















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