अस्पताल के वीआईपी वार्ड में मद्धम रोशनी फैली हुई थी। अद्रिका बेड पर अर्ध-लेटी हुई मुद्रा में थी और उसका नन्हा बेटा उसकी बगल में मखमली कपड़े में लिपटा हुआ गहरी नींद सो रहा था। शौर्य बेड के किनारे बैठ कर अपनी बीवी का हाथ थामे हुए था। उसकी आँखें अद्रिका के चेहरे की थकान और उसके माथे पर बिखरी लटों को निहार रही थीं। अभी-अभी माँ बनने का जो नूर अद्रिका के चेहरे पर आया था, उसने शौर्य को उसका और भी ज़्यादा दीवाना बना दिया था।
तभी कमरे के भारी महोगनी दरवाज़े पर एक हल्का सा नॉक हुआ और ड्यूटी पर तैनात सीनियर नर्स हाथ में कुछ मेडिकल सप्लीमेंट्स लिए कमरे के भीतर दाखिल हुईं (Nurse entered the room)। नर्स ने अद्रिका की तरफ़ देखा और बेहद पेशेवर लेकिन शालीन आवाज़ में बोली, "मैडम, अब बच्चे के जागने का समय हो रहा है। डिलीवरी के बाद शुरुआती कुछ घंटों में बच्चे को फीड कराना (Need to breastfeed the baby) बेहद ज़रूरी होता है। माँ का पहला गाढ़ा दूध बच्चे की इम्युनिटी के लिए सबसे बेस्ट होता है।"



















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