अद्वैत ने सिया को अपनी बांहों में उठाया और बेड के बीचों-बीच लेटा दिया। उसकी हरकत में वो हल्की-सी सावधानी थी जो सिर्फ एक प्रेग्नेंट औरत के लिए होती है। सिया की आँखें शर्म और उत्तेजना से झुकी हुई थीं। कमरे में झूमर की नरम रोशनी बिखरी हुई थी, और बाहर की दुनिया जैसे रुक गई हो। अद्वैत उसके ऊपर झुका, लेकिन उसने अपना पूरा वजन सिया पर नहीं डाला—उसका पूरा ध्यान सिया के पेट पर पल रहे बच्चे की सुरक्षा पर था। उसने अपनी बड़ी हथेलियों को सिया के पेट पर रखा और बेहद नज़ाकत से उसे चूमा।
"हमारा बच्चा..." अद्वैत ने सिया की आँखों में देखते हुए कहा। आवाज़ में गर्व था, और साथ ही एक गहरी कोमलता। "यह हमारी मोहब्बत का सबसे खूबसूरत सच है सिया। तुम दोनों... तुम और ये छोटा सा... हमारी दुनिया हो।"



















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