आर्यन के कमरे का दरवाज़ा बंद होते ही बाहर की दुनिया और उसमें मौजूद माता-पिता का डर जैसे एक धुंधली याद बन कर रह गया। कमरे में केवल एक पीली नाइट-लैंप जल रही थी, जो दीवार पर उनकी परछाइयों को और भी गहरा और डरावना बना रही थी। बगल वाले कमरे में उनके माता-पिता सो रहे थे, और यह हकीकत उनके बीच के रोमांच को और भी ज्यादा बढ़ा रही थी।
आर्यन ने आराध्या की कमर को अपनी मजबूत पकड़ में ले रखा था। उसकी आँखों में वो पुरानी वहशीियत फिर से लौट आई थी। "तो... तुम्हें इकोनॉमिक्स के सवाल समझने थे?" आर्यन ने उसके कानों के पास फुसफुसाते हुए कहा, उसकी गर्म सांसें आराध्या की गर्दन पर बिजली जैसा असर कर रही थीं।



















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