रात के सन्नाटे में खन्ना हाउस की बाहरी दीवारें और पाइप आर्यन की दीवानगी के गवाह थे। आराध्या के कमरे के भीतर की मद्धम रोशनी उनके चेहरों पर एक रहस्यमयी चमक बिखेर रही थी। खिड़की से आती ठंडी हवा अब बिस्तर पर मौजूद उस गर्मी का मुकाबला करने में नाकाम थी। आर्यन, आराध्या के ऊपर झुका हुआ था, और उनके बीच की सांसें एक-दूसरे की रूह को छू रही थीं।



















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